मोहब्बत को सर पर चढ़ाकर मत चलो मेरे यार,
तुम्हारी यादों में मेरा अक्स झिलमिलाता होगा,
जिसको चाहा वो मिला नही, जो मिला उससे मोहब्बत ना हुई…!
क्योंकि रोने पर कोई आंसू पोंछने वाला नहीं आता।
वरना मुस्कुराहट तो बस चेहरे की मजबूरी है।
जो बात बात पर कहते है तुम्हे छोड़ेंगे नहीं…!
हर शाम ढल जाती है… बस उसके कदमों की आहट बची रह जाती है।
सन्नाटों में हमारी बातें गुमनाम हो गए।
फिर सब वैसा ही होगा, जैसी ये ज़मीं होगी।
होंठों पर हँसी है… और आवाज़ में दर्द के छाले हैं।
कील कि तरह सीधे रहोगे तो ठोक दिये जाओगे।
हम भी चकनाचूर हो गए… दिल संभालना मुश्किल हो गया है।
इस ज़िंदगी में रेहान… बस बड़े तमाशे मिलते हैं।
और फिर बस Sad Shayari in Hindi यादें ही बोझ बनकर रह जाती हैं।